jagannath-temple-news

Jagannath Rath Yatra 2020: अहमदाबाद में निकलने वाली भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा पर रोक

Jagannath Rath Yatra 2020 :
अहमदाबाद जेएनएन। गुजरात high Court ने अहमदाबाद में इस बार निकलने वाली जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा पर लगाई रोक।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ व जेबी पारडीवाला ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं कि कोरोनावायरस को देखते हुए किसी भी तरह के धार्मिक समारोह आयोजित नहीं होंगे। सभी तरह के धार्मिक समारोह पर रोक लगाने का आदेश दिया हैं।

Jagannath Rath Yatra 2020 : राज्य सरकार ने बताया कि राज्य सरकार ने बताया हैं कि अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की इस बार 143 वीं रथ यात्रा की तैयारियां चल रही हैं। यह रथ यात्रा 23 जून को प्रस्तावित होगी तथा यह लगभग 18 किलोमीटर की होती हैं। और इस रथयात्रा का पूरे भारतवर्ष से करीब 5 से 7 लाख लोग हिस्सा बनते हैं।
वहीं याचिकाकर्ताओं ने उड़ीसा पुरी रथ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रथ यात्रा पर रोक का हवाला देते हुए इस बार की रथ यात्रा पर रोक की मांग की थी।

Read Also : श्री जगन्नाथ के मन्दिर में छुआछूत क्यों नहीं है?

यह आदेश आने के पहले कहा जा रहा था कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद में ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ की 143वीं रथ यात्रा में इस बार जनता को शामिल नहीं किया जाएगा।
इस बार की रथ यात्रा में केवल जगन्नाथ भगवान के तीन रथों को ही शामिल किया जाएगा। और इसी बात को मद्देनजर रखते हुए 5 दिन पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को भी बुला लिया जाएगा ताकि व्यवस्था बनी रहें।

ऐसे हुई जगन्नाथ मंदिर की स्थापना। Sant Rampal Ji Maharaj satsang – credit Sant Rampal Ji Maharaj

Jagannath Rath Yatra 2020 : धर्मालंबियों को घर रहने और टेलीविजन के माध्यम से इस बार की रथ यात्रा का दर्शन करने के लिए भी समझाया जाएगा ताकि कोई भी परेशानी का सामना ना करना पड़े।
इस बार की रथयात्रा में लोगों को शामिल नहीं होने से रोकने के लिए नाकाबंदी भी की जाएगी ताकि रथयात्रा में किसी भी तरह तरह की कोई अड़चन न आए। राज्य सरकार ने राज्य में लोक डाउन के कारण पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तक निरस्त कर दी थी। अब लोग डाउन खुलते ही छुट्टियां दी जा रही।
पाबंदियां समाप्त कर दी गई; लेकिन जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाकर्मियों की छुट्टियां अब निरस्त कर दी गई हैं।

Read Also : पाराशर ऋषि ने अपनी पुत्री के साथ किया संभोग

1 comment

Leave a Reply

You May Also Like

Mirabai Story in Hindi: मीरा बाई की जीवनी, मीरा बाई की मृत्यु कैसे हुई

Mirabai Story in Hindi: कृष्ण भक्ति में लीन रहने वाली मीराबाई को राजस्थान में सब जानते ही होंगे। आज हम जानेंगे कि मीराबाई का जन्म कब और कहां हुआ? {Mirabai Story in Hindi} मीराबाई के गुरु कौन थे? कृष्ण भक्ति से क्या लाभ मिला? मीराबाई ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया। गुरु बनाना क्यों आवश्यक है? आइए जानते हैं।

Sant Rampal Ji Maharaj Naam Diksha: संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा कैसे ले सकते हैं?

Table of Contents Hide Sant Rampal Ji Maharaj Naam Diksha: नामदीक्षा लेना…

Rishi Parashara : पाराशर ऋषि ने अपनी पुत्री के साथ किया संभोग

पाराशर ऋषि भगवान शिव के अनन्य उपासक थे। उन्हें अपनी मां से पता चला कि उनके पिता तथा भाइयों का राक्षसों ने वध कर दिया। उस समय पाराशर गर्भ में थे। उन्हें यह भी बताया गया कि यह सब विश्वामित्र के श्राप के कारण ही राक्षसों ने किया। तब तो वह आग बबूला हो उठे। अपने पिता तथा भाइयों के यूं किए वध का बदला लेने का निश्चय कर लिया। इसके लिए भगवान शिव से प्रार्थना कर आशीर्वाद भी मांग लिया।

Marne Ke Baad Kya Hota Hai: स्वर्ग के बाद इस लोक में जाती है आत्मा!

Table of Contents Hide Marne Ke Baad Kya Hota Hai : मौत…