World Television Day
World Television Day

World Television Day: आज यानी 21 नवंबर 2022 को पूरे विश्व में टेलीविजन दिवस (World Television Day) मनाया जा रहा है। टेलीविजन एक ऐसा जनसंचार का माध्यम है, जिससे आप शिक्षा, खबर और मनोरंजन की गतिविधियों से जुड़े रहते हैं, यह आप तक सूचना पहुंचाने का एक सटीक जरिया है। ब्लैक एंड व्हाइट से शुरू हुआ यह सफर आज के समय में स्मार्ट टीवी तक पहुंच (World Television Day 2022 Theme) चुका है। आज शायद ही कोई घर होगा, जहां टीवी ना मिले। टीवी ना केवल हमारे मनोरंजन का साधन है, बल्कि इसके जरिए देश दुनिया में होने वाली घटनाओं का भी पता चलता है। बता दें टेलीविजन का अविष्कार साल 1927 में जॉन लोगी बेयर्ड ने किया था। वहीं टीवी के इतिहास व महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 17 दिसंबर 1996 को टेलीविजन दिवस मनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद प्रतिवर्ष 21 नवंबर को टेलीविजन दिवस मनाया जाता है।

World Television Day: आपको शायद ही पता होगा कि टीवी का अविष्कार होने के करीब तीन दशक बाद यह भारत में आया। टीवी का पहला ऑडिटोरियम आकाशवाणी भवन से बना। इसका उद्घाटन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। वहीं भारत में पहला रंगीन प्रसारण 15 अगस्त 1982 को इंदिरा गांधी के भाषण से (World Television Day History) मनाया हुआ था।

इसके बाद 90 के दशक में रामायण और महाभारत की शुरुआत हुई। World Television Day विश्व टेलीविजन दिवस के अवसर पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में स्पीच का आयोजन भी किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं, क्यों मनाया जाता है विश्व टेलीविजन दिवस, महत्व व इतिहास से लेकर संपूर्ण जानकारी। साथ ही इस दिन यदि आप स्पीच देने जा रहे हैं, तो यहां आप अपनी स्पीच को शानदार बनाने के टिप्स भी जान सकते हैं।

कब हुआ टीवी का अविष्कार, जानें इतिहास

बता दें टेलीविजन की शुरुआत 1920 में हुई थी, वहीं इसके पांच साल बाद इंग्लैंड के इंजीनियर जॉन लोगी बेयर्ड ने साल 1924 में ब्लैक एंड व्हाइट टीवी का अविष्कार किया, इसके बाद फान्सवर्थ ने 1927 में पहले वर्किंग टीवी का निर्माण किया। लेकिन इस टीवी को भारत पहुंचने में करीब तीन दशक का समय लग गया। यूनेस्कों की मदद से भारत में पहली बार टीवी 15 दिसंबर 1959 को आया। इसके बाद कई मुश्कलों का सामना करते हुए नई दिल्ली में दूरदर्शन केंद्र की स्थापना की गई और साल 1959 में ऑल इंडिया रेडियो ने रोजाना टीवी ट्रांसमिशन शुरू किया।

World Television Day Importance, टेलीविजन दिवस का महत्व

World Television Day: टेलीविजन का आज हमारे जीवन में विशेष महत्व है। टीवी ना केवल हमारे मनोरंजन का साधन है बल्कि यह हमें देश दुनिया में होने वाली घटनाओं से भी रूबरू करवाता है। टेलीविजन के महत्व को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र संघ ने साल 1996 में विश्व टेलीविजन दिवस मनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद से प्रति वर्ष 21 नवंबर को टेलीविजन दिवस मनाया जाता है।

Marie Tharp पर गूगल ने अपना नया Google Doodle पेश किया, जानिये कौन हैं ये?

World Television Day: बदला स्मार्ट टीवी में

World Television Day: आपको याद होगा कि, शुरुआत में टीवी एक बक्से के रूप में होती थी, इसे ऑन करने से पहले जिस प्रकार घर का दरवाजा खोलना पड़ता है, ठीक उसी प्रकार शटर खींचना पड़ता था। एक टीवी के सामने बैठकर पूरा गांव दूरदर्शन चैनल देखता था। वहीं आज यह बक्सा स्लिम एलईडी टीवी में बदल चुका है। आज बजार में एलईडी से लेकर स्मार्ट टीवी उपलब्ध है।

कुछ इस तरह तैयार करें स्पीच

World Television Day: विश्व टेलीविजन दिवस के अवसर पर, यदि आप स्पीच देने जा रहे हैं, तो अपनी स्पीच में इस दिन के इतिहास व महत्व को अवश्य शामिल करें। साथ ही अपनी स्पीच की शुरुआ टेलीविजन पर कोट्स व शायरी से करें। फिर सभा में उपस्थित लोग कैसे अपनी सीट से खड़े होकर तालयां बजाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस बीच आप अपने जीवन से जुड़ी किसी कहानी का जिक्र भी कर सकते हैं, इससे लोगों की दिलचस्पी आपके स्पीच के प्रति बनी रहेगी।

International Gita Jayanti Mahotsav: धर्मनगरी में दो साल बाद पूरे रंग में होगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव

1 comment
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

Mirabai Story in Hindi: मीरा बाई की जीवनी, मीरा बाई की मृत्यु कैसे हुई

Mirabai Story in Hindi: कृष्ण भक्ति में लीन रहने वाली मीराबाई को राजस्थान में सब जानते ही होंगे। आज हम जानेंगे कि मीराबाई का जन्म कब और कहां हुआ? {Mirabai Story in Hindi} मीराबाई के गुरु कौन थे? कृष्ण भक्ति से क्या लाभ मिला? मीराबाई ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया। गुरु बनाना क्यों आवश्यक है? आइए जानते हैं।

Rishi Parashara: पाराशर ऋषि ने अपनी पुत्री के साथ किया….

पाराशर ऋषि भगवान शिव के अनन्य उपासक थे। उन्हें अपनी मां से पता चला कि उनके पिता तथा भाइयों का राक्षसों ने वध कर दिया। उस समय पाराशर गर्भ में थे। उन्हें यह भी बताया गया कि यह सब विश्वामित्र के श्राप के कारण ही राक्षसों ने किया। तब तो वह आग बबूला हो उठे। अपने पिता तथा भाइयों के यूं किए वध का बदला लेने का निश्चय कर लिया। इसके लिए भगवान शिव से प्रार्थना कर आशीर्वाद भी मांग लिया।

National Daughters Day: राष्ट्रीय बेटी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? क्या है इसका इतिहास, जानिए विशेष बातें

Table of Contents Hide National Daughters Day: राष्ट्रीय बेटी दिवस कब और…

Sant Rampal Ji Maharaj Naam Diksha: संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा कैसे ले सकते हैं?

Table of Contents Hide Sant Rampal Ji Maharaj Naam Diksha: नामदीक्षा लेना…