Indian Railway: रेलवे के द्वारा टिकट बुकिंग में बड़े बदलाव किए गए है। दरअसल अब नए सिस्टम के तहत सरकार पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी कि पीआरएस में बदलाव कर उन एजेंटों को बाहर करेगी जो फर्जी तरीके से टिकट बनवा लेते हैं
Indian Railway: रेल लोगों के लिए ट्रांसपोर्टेशन का सबसे जरूरी माध्यम है. कई लोगों की दिनचर्या में रेल यात्रा शामिल होती है तो कोई कभी इसके जरिए यात्रा करने जाता है. ऐसे में कई बार होता है कि तुरंत की स्थिति में लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिलता है। इसका तोड़ ये है कि लोग ऐसे किसी एजेंट को पकड़ते हैं जो तमाम परेशानियों के बावजूद आपको कंफर्म टिकट दिला देता है.
Indian Railway: फर्जी एजेंट पर नकेल –
Indian Railway: इसके बदले में एजेंट को टिकट के पैसे से अतिरिक्त कीमत देनी होती है। सरकार अब इसी एजेंट सिस्टम पर नकेल कसने की तैयारी में है. नए सिस्टम के तहत सरकार पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी कि पीआरएस में बदलाव कर उन एजेंटों को बाहर करेगी जो फर्जी तरीके से टिकट बनवा लेते हैं। पीआरएस में बदलाव होने से फर्जी आईडी के साथ फर्जी यूजर्स का नेटवर्क खत्म होगा और फर्जी एजेंट भी बाहर हो जाएंगे।
Indian Railway: बुकिंग सिस्टम में बदलाव-
Indian Railway: दरअसल फर्जी एजेंट टिकटों की कालाबाजारी करते हैं जिससे यात्रियों के पैसे का चूना लगता है। साथ ही सरकार की कमाई भी घटती है। रेलवे का ऑनलाइन रिजर्वेशन देखने वाली कंपनी आईआरसीटीसी ने पीआरएस में बदलाव और अपग्रेड के लिए ग्रांड थॉर्टन कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है।
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Indian Railway: IRCTC की बड़ी तैयारी-
Indian Railway: अब ग्रांड थॉर्टन कंपनी IRCTC के रिजर्वेशन सिस्टम के बारे में रिसर्च करेगी और इसमें सुधार के लिए सुझाव देगी। कंपनी की तरफ से सुधार के सुझाव मिलने के बाद पैसेंजर रिजर्वेशन सेंटर में इस साल के अंत तक काम शुरू कर दिया जाएगा। सुधार के बाद पीआरएस की क्षमता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन रिजर्वेशन करा सकेंगे।
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Indian Railway: कैसे होती है धांधली?
Indian Railway: बता दें कि फिलहाल बहुत मुश्किल से कंफर्म टिकट की बुकिंग होती है. तत्काल में भी लोगों को बहुत मुश्किल से टिकट मिल पाती है. वजह है कि एजेंट पहले से ही एक्स्ट्रा कमाई के लालच में टिकटों पर ताक लगाए बैठे रहते हैं। लेकिन पीआरएस में बदलाव होने से लोगों को इस समस्या से आराम मिलेगा।